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Pariksha Pe Charcha 2026 Highlights: क्या AI से डरने की जरूरत है? पढ़ाई, पैशन और तकनीक पर PM का ‘गुरुमंत्र’

Pariksha Pe Charcha 2026 Highlights
विषय सूची (Table of Contents)
  1. प्रस्तावना: परीक्षा पे चर्चा 2026 का भव्य आयोजन
  2. एआई (AI) पर पीएम का नजरिया: “एआई को अपना गुलाम बनाएं, मालिक नहीं”
  3. पढ़ाई और पैशन: संतुलन बनाने का सही तरीका
  4. परीक्षा का तनाव: “उत्सव की तरह लें परीक्षा”
  5. डिजिटल फास्टिंग: तकनीक के दौर में एकाग्रता कैसे बढ़ाएं?
  6. PPC 2026 के ‘रियल फैक्ट्स’ और मुख्य बिंदु
  7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
  8. निष्कर्ष

1. प्रस्तावना: परीक्षा पे चर्चा 2026 का भव्य आयोजन

हर साल की तरह, साल 2026 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) के माध्यम से देश भर के करोड़ों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ सीधा संवाद किया। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं के तनाव को कम करना और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था।

इस बार चर्चा का सबसे हॉट टॉपिक रहा— आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)। क्या एआई हमारी सोचने की क्षमता छीन लेगा? क्या यह पढ़ाई में बाधक है? प्रधानमंत्री ने इन सभी सवालों के जवाब बहुत ही सरल और प्रभावी ढंग से दिए।

2. एआई (AI) पर पीएम का नजरिया: “एआई को अपना गुलाम बनाएं, मालिक नहीं”

आज के दौर में छात्र एआई और चैटबॉट्स (जैसे ChatGPT) पर काफी निर्भर हो गए हैं। इस पर पीएम मोदी ने एक बहुत बड़ी बात कही।

  • एआई एक टूल है, दिमाग नहीं: प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई (Artificial Intelligence) को ‘इंसानी इंटेलिजेंस’ का विकल्प नहीं समझना चाहिए। यह एक शक्तिशाली उपकरण है जो आपके काम को आसान बना सकता है, लेकिन आपकी मौलिक सोच और रचनात्मकता (Creativity) का स्थान नहीं ले सकता।
  • Deepfake और जिम्मेदारी: पीएम ने छात्रों को एआई के गलत इस्तेमाल, जैसे डीपफेक और भ्रामक जानकारी के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग ‘नवाचार’ (Innovation) के लिए करें, न कि शॉर्टकट के लिए।
  • गुरुमंत्र: “जैसे कैलकुलेटर आने से गणित खत्म नहीं हुआ, वैसे ही एआई आने से इंसान की बुद्धिमत्ता कम नहीं होगी। बस आपको इसका सही इस्तेमाल सीखना होगा।”

3. पढ़ाई और पैशन: संतुलन बनाने का सही तरीका

अक्सर छात्र इस दुविधा में रहते हैं कि वे अपनी हॉबी (Hobby) को समय दें या केवल सिलेबस की पढ़ाई करें। पीएम मोदी ने इस पर ‘बैलेंस’ का मंत्र दिया:

  1. हॉबी पढ़ाई का दुश्मन नहीं: अगर आप संगीत, खेल या पेंटिंग को समय देते हैं, तो इससे आपका दिमाग फ्रेश होता है और आपकी पढ़ाई की ‘Efficiency’ बढ़ती है।
  2. समग्र विकास (Holistic Growth): प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि केवल किताबी ज्ञान आपको सफल नहीं बनाएगा। आपकी स्किल्स और आपका पैशन ही आपको भीड़ से अलग खड़ा करेगा।

4. परीक्षा का तनाव: “उत्सव की तरह लें परीक्षा”

परीक्षा के डर पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि परीक्षा कोई ‘जीवन-मरण’ का सवाल नहीं है, बल्कि यह आपकी प्रगति का एक पड़ाव है।

  • तुलना से बचें: उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे अपने बच्चों की तुलना पड़ोसियों या रिश्तेदारों के बच्चों से न करें। हर बच्चे की अपनी क्षमता और अपनी गति होती है।
  • प्रतिस्पर्धा खुद से: “दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ के बजाय, खुद के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश करें।”

5. डिजिटल फास्टिंग: तकनीक के दौर में एकाग्रता कैसे बढ़ाएं?

आजकल ‘स्क्रीन टाइम’ सबसे बड़ी समस्या है। इस पर पीएम मोदी ने ‘डिजिटल फास्टिंग’ का सुझाव दिया:

  • नो गैजेट जोन: घर में एक ऐसी जगह या समय तय करें जहाँ कोई मोबाइल या गैजेट इस्तेमाल न हो।
  • गहरी नींद और योग: पीएम ने अच्छी नींद और शारीरिक गतिविधि को याददाश्त बढ़ाने के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे दिन में कम से कम कुछ समय बिना इंटरनेट के बिताएं।

6. PPC 2026 के ‘रियल फैक्ट्स’ और मुख्य बिंदु

  • सहभागिता: इस वर्ष रिकॉर्ड 2.5 करोड़ से अधिक छात्रों और शिक्षकों ने माइगॉव (MyGov) पोर्टल पर पंजीकरण कराया।
  • कला उत्सव: कार्यक्रम स्थल पर छात्रों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स और मॉडल्स की पीएम ने जमकर तारीफ की।
  • ग्लोबल रीच: इस बार जी-20 देशों के छात्रों ने भी वर्चुअली इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
  • मुख्य मंत्र: “ज्ञान बांटने से बढ़ता है और तकनीक सीखने से सरल होती है।”

7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या प्रधानमंत्री ने एआई के उपयोग को सही बताया?

उत्तर: हाँ, उन्होंने कहा कि हमें तकनीक से डरना नहीं चाहिए बल्कि उसे अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।

प्रश्न 2: बोर्ड परीक्षा के डर को कैसे कम करें?

उत्तर: पीएम के अनुसार, नियमित पढ़ाई, पर्याप्त नींद और तनाव मुक्त होकर परीक्षा को एक त्यौहार की तरह मनाने से डर खत्म हो जाता है।

प्रश्न 3: PPC 2026 की रिकॉर्डिंग कहाँ देख सकते हैं?

उत्तर: आप इसे दूरदर्शन, पीएमओ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल या ‘नरेंद्र मोदी ऐप’ पर देख सकते हैं।

8. निष्कर्ष

Pariksha Pe Charcha 2026 केवल एक संवाद नहीं था, बल्कि छात्रों के लिए एक मनोवैज्ञानिक टॉनिक था। पीएम मोदी का यह संदेश स्पष्ट है कि तकनीक (AI) हमारा भविष्य है, लेकिन हमारा विवेक (Conscience) हमेशा उससे ऊपर रहना चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ अपने पैशन को जीवित रखें और परीक्षा को बोझ न समझें।

क्या आप पीएम मोदी के ‘डिजिटल फास्टिंग’ के विचार से सहमत हैं? नीचे कमेंट में अपनी राय साझा करें!

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