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First Sainik School of India: कहाँ है भारत का पहला सैनिक स्कूल? बहुत कम लोग जानते हैं इसका नाम और दिलचस्प इतिहास!

First Sainik School of India

भूमिका:

भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले हर युवा के लिए ‘सैनिक स्कूल’ (Sainik School) एक मंदिर की तरह है। यहाँ का अनुशासन, प्रशिक्षण और शिक्षा छात्र को एक बेहतरीन फौजी और एक आदर्श नागरिक बनाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देशभर में फैले इन 33 से अधिक सैनिक स्कूलों की शुरुआत कहाँ से हुई? भारत का वह ‘पहला’ सैनिक स्कूल कौन सा था जिसने भारतीय सेना को सबसे अधिक जांबाज अफसर दिए?

इस लेख में हम भारत के पहले सैनिक स्कूल के इतिहास, उसके संस्थापक और उन अनसुने तथ्यों के बारे में जानेंगे जो शायद ही किसी किताब में एक साथ मिलें।

1. भारत का पहला सैनिक स्कूल कौन सा है? (The Name Revealed)

भारत का सबसे पहला सैनिक स्कूल ‘सैनिक स्कूल सतारा’ (Sainik School Satara) है। इसकी स्थापना महाराष्ट्र के सतारा जिले में की गई थी।

  • स्थापना तिथि: 23 जून 1961
  • स्थान: सतारा, महाराष्ट्र
  • उद्घाटन: तत्कालीन रक्षा मंत्री वी. के. कृष्ण मेनन द्वारा किया गया था।

2. सैनिक स्कूल की शुरुआत क्यों की गई? (The Visionary Idea)

सैनिक स्कूलों की स्थापना का विचार भारत के तत्कालीन रक्षा मंत्री वी. के. कृष्ण मेनन (V. K. Krishna Menon) के दिमाग की उपज थी। 1960 के दशक में उन्होंने महसूस किया कि भारतीय सेना के अधिकारी वर्ग (Officer Cadre) में क्षेत्रीय और आर्थिक असंतुलन है।

मुख्य उद्देश्य:

  1. क्षेत्रीय असंतुलन हटाना: सेना में केवल कुछ खास वर्गों या क्षेत्रों के लोग ही न हों, बल्कि पूरे भारत का प्रतिनिधित्व हो।
  2. NDA के लिए तैयार करना: ग्रामीण और मध्यम वर्गीय पृष्ठभूमि के बच्चों को National Defence Academy (NDA) में प्रवेश के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना।
  3. पब्लिक स्कूल शिक्षा: आम जनता के बच्चों को वही उच्च श्रेणी की शिक्षा और अनुशासन देना जो उस समय केवल महंगे पब्लिक स्कूलों में उपलब्ध था।

3. सैनिक स्कूल सतारा के बारे में 5 अनोखी बातें (Rare Facts)

सैनिक स्कूल सतारा के बारे में कुछ ऐसी चीजें हैं जो इसे अन्य स्कूलों से अलग बनाती हैं:

i. ऐतिहासिक परिसर

सतारा का यह स्कूल ‘अजींक्यतारा’ किले की तलहटी में स्थित है। इसका परिसर मराठा साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है, जो छात्रों में वीरता का भाव भरता है।

ii. गौरवशाली पूर्व छात्र (Notable Alumni)

इस स्कूल ने भारत को कई दिग्गज सैन्य अधिकारी और नेता दिए हैं। पूर्व वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल पी. वी. नाईक और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण जैसे दिग्गज यहीं से निकले हैं।

iii. केवल लड़कों से ‘लड़कियों’ तक का सफर

दशकों तक यह केवल लड़कों के लिए था, लेकिन हाल के वर्षों में सैनिक स्कूल सतारा ने इतिहास रचते हुए लड़कियों को भी प्रवेश देना शुरू किया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।

iv. ‘सैनिक स्कूल’ बनाम ‘मिलिट्री स्कूल’

बहुत कम लोग जानते हैं कि ‘राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल’ (RMS) और ‘सैनिक स्कूल’ अलग-अलग होते हैं। मिलिट्री स्कूल सीधे रक्षा मंत्रालय के अधीन होते हैं और इनकी स्थापना अंग्रेजों के समय हुई थी, जबकि सैनिक स्कूल स्वायत्त बोडी (Sainik Schools Society) द्वारा संचालित होते हैं।

v. आदर्श वाक्य (Motto)

सैनिक स्कूल सतारा का आदर्श वाक्य ‘यत्र वीराः सदानंदः’ है, जिसका अर्थ है— “जहाँ वीर होते हैं, वहां सदैव आनंद होता है।”

4. देशभर में कैसे फैला यह चलन? (The National Expansion)

सतारा की सफलता के बाद, 1961 में ही कुछ अन्य स्कूल भी खोले गए:

  • सैनिक स्कूल कुंजपुरा (हरियाणा)
  • सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
  • सैनिक स्कूल कपुरथला (पंजाब)
  • सैनिक स्कूल बालाचडी (गुजरात)

आज भारत में 33 पुराने सैनिक स्कूल हैं और सरकार ने पीपीपी मॉडल के तहत 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की है।

5. सैनिक स्कूल में प्रवेश कैसे मिलता है? (Admission Process)

यदि आप भी अपने बच्चे को यहाँ पढ़ाना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया जान लें:

  • परीक्षा: इसके लिए AISSEE (All India Sainik Schools Entrance Exam) आयोजित की जाती है।
  • कक्षा: प्रवेश मुख्य रूप से कक्षा 6 और कक्षा 9 में होता है।
  • योग्यता: छात्र को लिखित परीक्षा, मेडिकल टेस्ट और काउंसलिंग पास करनी होती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

सैनिक स्कूल सतारा केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह वह ‘नर्सरी’ है जहाँ देश के रक्षकों को तैयार किया जाता है। वी. के. कृष्ण मेनन के उस एक छोटे से विचार ने आज लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। अगर आप में भी देश सेवा का जज्बा है, तो सैनिक स्कूल का इतिहास आपके लिए प्रेरणा का स्रोत हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. भारत में वर्तमान में कुल कितने सैनिक स्कूल हैं?

वर्तमान में 33 पुराने सैनिक स्कूल हैं, और 100 नए स्कूल स्वीकृत किए जा चुके हैं।

Q2. क्या लड़कियां भी अब सैनिक स्कूल में पढ़ सकती हैं?

हाँ, अब सभी सैनिक स्कूलों में लड़कियों के लिए प्रवेश द्वार खोल दिए गए हैं।

Q3. सैनिक स्कूल सतारा की स्थापना कब हुई थी?

इसकी स्थापना 23 जून 1961 को हुई थी।

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